Dost Ka Sath Hindi Status


Dost Ka Sath Hindi Status


Dost Ka Sath Hindi Status

Dost Ka Sath Hindi Status




Sapno ki duniya me hum khote chale gaye.
Hosh me the fir bhi madhosh hote chale gaye.
Jane kya bat thi us ajnabi chehre me
Na chahte hue bhi uske hote chale gaye

सपनो  की  दुनिया  में  हम  खोते  चले  गए.
होश  में  थे  फिर  भी  मदहोश  होते चले गए.
जाने  क्या  बात  थी  उस  अजनबी  चेहरे  में
न  चाहते  हुए  भी  उसके  होते  चले  गए

Rishton me pyar ki mithas rahe,
kabhi na mitne wala ehsas rahe,
kahne ko to chhoti see hai ye zindagi,
lambi ho jayegi,
agar aap jaise pyare dost ka sath rahe.

रिश्तों  में  प्यार  की  मिठास  रहे,
कभी  न  मिटने  वाला  एहसास  रहे,
कहने  को  तो  छोटी  सी  है  ये  ज़िन्दगी,
लम्बी  हो  जाएगी,
अगर  आप  जैसे  प्यारे  दोस्त  का  साथ  रहें|

Suna hai asar hota hai jazbaton mein
gahre rishte ban jaate hain mulakaton mein.
ap hamen dur karoge kaise
ek achhi dosti ki lakeerein
hain in hathon mein.

Dost Ka Sath Hindi Status दोस्त के साथ हिंदी स्टेटस
सुना  है  असर  होता  है  जज्बातों  में
गहरे  रिश्ते  बन  जाते  हैं  मुलाकातों  में.
आप  हमें  दूर  करोगे  कैसे
एक  अच्छी  दोस्ती  की  लकीरें
हैं  इन  हाथों  में.

Ashqon se nahi bujhte shole dard-e-pyar ke
maut bhali is lambe intzar se
marte hain roz bina didar-e-yar ke
tanhahi acchi thi us bewafa ke pyar se

अश्कों  से  नहीं  बुझते  शोले  दर्द – ए -प्यार  के
मौत  भली  इस  लम्बे  इंतजार  से
मरते  हैं  रोज़  बिना  दीदार -ए -यार  के
तन्हाई   अच्छी  थी  उस  बेवफा  के  प्यार  से

Dost Ka Sath Hindi Status दोस्त के साथ हिंदी स्टेटस
Ajnabi ban ke koi aaya tha,
Aisa laga jaise wo mera saaya tha,
Log karte hain roshni ghar me
Usne to ”DIl” me Diya Jalaya tha.

अजनबी  बन  के  कोई  आया  था,
ऐसा  लगा  जैसे  वो  मेरा  साया  था,
लोग  करते  हैं  रौशनी  घर  में
उसने  तो  ”दिल” में  दिया  जलाया  था.

Kyun mushkilon me sath dete hain dost
Kyun gam ko bant lete hain dost
Na rishta khoon ka na riwaj se bandha hai
Phir bhi zindagi bhar sath dete hain Dost



क्यूँ  मुश्किलों  में  साथ  देते  हैं  दोस्त
क्यूँ  गम  को  बाँट  लेते  हैं  दोस्त
न  रिश्ता  खून  का  न  रिवाज  से  बंधा  है
फिर  भी  ज़िन्दगी  भर  साथ  देते  हैं  दोस्त

Masrufiyat?
Kanjusi?
Garibi?
Laprwahi?
Narazgi?
Anguthe ki chhot?
Mobile ki kharabi?
Alfazon ki qillat?
Ya koi aur wajah hai
WhatsApp na karne ki

मसरूफियत?
कंजूसी?
गरीबी?
लापरवाही?
नाराज़गी?
अंगूठे  की  चोट?
मोबाइल  की  खराबी?
अल्फाजों  की  किल्लत?
या  कोई  और  वजह  है
व्हाट्सअप्प  न  करने  की

Tu door hai mujhse or pass bhi hai,
Teri kami ka kahin ehsas bhi hai,
Dost lakhon hain jahan me mere,
Par tu pyara bhi hai aur khaas bhi hai.

तू  दूर  है  मुझसे  और  पास  भी  है,
तेरी  कमी  का  कहीं  एहसास  भी  है,
दोस्त  लाखों  हैं  जहाँ  में  मेरे,
पर  तू  प्यारा  भी  है  और  ख़ास  भी  है.




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